(N/A) ऊष्मीय ऊर्जा का स्थानांतरण तीन अलग-अलग तंत्रों द्वारा किया जा सकता है:
$1$. ऊष्मीय चालन (Thermal Conduction): ठोस पदार्थों में ऊष्मा का स्थानांतरण,जहाँ कण अपनी माध्य स्थिति के चारों ओर कंपन करते हैं और उनका कोई शुद्ध विस्थापन नहीं होता है। इसके लिए गुरुत्वाकर्षण की आवश्यकता नहीं होती है और इसमें धाराओं का निर्माण नहीं होता है।
$2$. ऊष्मीय संवहन (Thermal Convection): तरल पदार्थों (द्रव और गैस) में ऊष्मा का स्थानांतरण,जहाँ कण भौतिक रूप से एक स्थान से दूसरे स्थान तक गति करते हैं और ऊष्मीय ऊर्जा ले जाते हैं। इस प्रक्रिया के लिए गुरुत्वाकर्षण आवश्यक है और इससे संवहन धाराएं बनती हैं।
$3$. ऊष्मीय विकिरण (Thermal Radiation): विद्युत चुम्बकीय तरंगों (विशेष रूप से अवरक्त विकिरण) के रूप में ऊष्मा का स्थानांतरण। इस प्रक्रिया के लिए किसी भौतिक माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है और यह निर्वात में भी हो सकती है।